आ बैल मुझे मार | हरिशंकर और उसकी ज़िद का अंजाम
लोकक्ति: “आ बैल मुझे मार” जब इंसान बिना सोचे-समझे किसी बड़े से टकरा जाए और अपनी ही ज़िद में खुद को मुश्किल में डाल दे, तो यही कहा जाता है – “आ बैल मुझे मार।” परसाइपुर का ज़िद्दी हरिशंकर बुंदेलखंड के छोटे से गाँव परसाइपुर में हरिशंकर नाम का एक आदमी रहता था। अपने आप…